Skip to main content
Follow Us On
Hindi News, India News in Hindi, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi, Breaking News in Hindi, ताजा ख़बरें, News

पटना में 'फ्यूचर CM' पोस्टर से सियासी भूचाल: क्या सत्ता संभालेंगे निशांत, बदलाव का इशारा या अंदरूनी गेम प्लान?

by Real4newsdesk

पटना: बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के मुख्यालय के बाहर लगे एक बड़े पोस्टर ने सियासी गलियारों में तूफान खड़ा कर दिया है। इस पोस्टर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को साफ तौर पर ‘फ्यूचर सीएम ऑफ बिहार’ बताया गया है।
पोस्टर में निशांत कुमार की तस्वीर के नीचे बड़े अक्षरों में लिखा है – “फ्यूचर सीएम ऑफ बिहार”। साथ ही कुछ पोस्टर्स में नीतीश कुमार से मुख्यमंत्री पद न छोड़ने की अपील भी की गई है। जेडीयू कार्यकर्ताओं और समर्थकों द्वारा लगाए गए इन पोस्टर्स ने नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को नई रफ्तार दे दी है।
क्या है पूरा मामला?

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की चर्चाओं के बीच यह पोस्टर सामने आया है।
कई जेडीयू नेताओं और कार्यकर्ताओं ने निशांत कुमार को पार्टी की अगली पीढ़ी का चेहरा बताते हुए उनका समर्थन जताया है।
कुछ नेता खुलकर कह रहे हैं कि निशांत कुमार बिहार की कमान संभाल सकते हैं।
वहीं, एनडीए के अंदर बीजेपी की ओर से सम्राट चौधरी जैसे नाम पहले से चर्चा में हैं, ऐसे में यह पोस्टर गठबंधन के अंदर भी नई बहस छेड़ सकता है।

बदलाव का इशारा या अंदरूनी गेम प्लान?

कुछ राजनीतिक विश्लेषक इसे जेडीयू के अंदरूनी समर्थन का प्राकृतिक प्रदर्शन बता रहे हैं।
जबकि कई इसे रणनीतिक दांव मान रहे हैं – या तो नीतीश कुमार की पोजीशन मजबूत करने के लिए, या भविष्य की सत्ता की दौड़ में निशांत को तैयार करने के संकेत के रूप में।
निशांत कुमार ने हाल ही में जेडीयू में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू की है, जिससे यह अटकलें और मजबूत हुई हैं।

पोस्टर लगने के बाद बिहार की सियासत पूरी तरह गरमा गई है। जेडीयू के अंदर से लेकर बीजेपी तक सभी दलों में चर्चा का विषय बन गया है कि नीतीश के बाद बिहार की सत्ता की कमान आखिरकार किसके हाथ में जाएगी।
क्या निशांत कुमार वाकई बिहार के अगले मुख्यमंत्री बनेंगे? या यह सिर्फ पार्टी में भावनाओं को व्यक्त करने का तरीका है? फिलहाल सवाल ज्यादा हैं, जवाब कम।
अपडेट: स्थिति तेजी से बदल रही है। जेडीयू और एनडीए की आंतरिक बैठकें जारी हैं। नई जानकारी आने पर बड़ा ऐलान हो सकता है।
---- समाप्त ------



नीतीश कुमार 30 मार्च को बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे, राज्यसभा जाने के बाद नई सरकार पर देंगे पूर्ण सहयोग

by अभिषेक सिंह

18वीं लोकसभा के पहले सत्र की शुरुआत हो चुकी है। सबसे पहले प्रधानमंत्री को नए सभा लोकसभा में सदस्यता की शपथ दिलाई गयी। इससे पहले भाजपा सांसद भर्तृहरि महताब को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 18वीं लोकसभा के प्रोटेम स्पीकर के रूप में शपथ दिलाई। तीन जुलाई तक चलने वाले सत्र के शुरुआती दो दिन नए सांसदों को शपथ दिलाई जा रही है। बुधवार को नए लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव होगा, जबकि गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी। विपक्ष ने प्रोटेम अध्यक्ष की नियुक्ति के अलावा नीट-यूजी पेपर लीक व अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के स्थगित होने के मामले में सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है, जिससे पहले दिन ही हंगामे के आसार हैं।

राष्ट्रपति मुर्मू सोमवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले महताब को राष्ट्रपति भवन में प्रोटेम अध्यक्ष पद की शपथ दिलाएंगी। इसके बाद महताब संसद भवन पहुंचकर 11 बजे से सदन का संचालन आरंभ करेंगे। कार्यवाही की शुरुआत दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक मिनट मौन रखने से होगी।लविपक्ष ने यह भी तय किया है कि सभी इंडी गठबंधन के सांसद एक साथ लोकसभा में प्रवेश करेंगे। वे वहीं एकत्र होंगे, जहां पहले महात्मा गांधी की प्रतिमा रखी गई थी। वे संविधान की एक प्रति लेकर चलेंगे। सत्र के पहले दिन विपक्ष ने प्रोटेम स्पीकर के रूप में सात बार के सांसद भर्तृहरि महताब की नियुक्ति पर विरोध दर्ज कराने का फैसला किया है। कांग्रेस का कहना है कि वरिष्ठता के आधार पर इस पद के लिए उसके सांसद के सुरेश प्रबल दावेदार हैं। हालांकि, सरकार का पक्ष है कि वर्तमान लोकसभा में बिना हारे लगातार सबसे लंबे समय तक सांसद रहने के मामले में महताब सबसे वरिष्ठ हैं।

इससे पहले संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को कहा कि वह संसद चलाने के लिए समन्वय की सकारात्मक उम्मीद कर रहे हैं। एक्स पर एक पोस्ट में रिजिजू ने कहा कि वह संसदीय कार्य मंत्री के रूप में संसद सदस्यों की सहायता के लिए हमेशा उपलब्ध रहेंगे। उन्होंने लिखा, '18वीं लोकसभा का पहला सत्र आज 24 जून, 2024 से शुरू हो रहा है। मैं सभी नवनिर्वाचित माननीय सदस्यों का स्वागत करता हूं। मैं संसदीय कार्य मंत्री के रूप में सदस्यों की सहायता के लिए हमेशा उपलब्ध रहूंगा। मैं सदन चलाने के लिए समन्वय की सकारात्मक उम्मीद कर रहा हूं। सुबह संसद भवन पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज का दिन गौरवमय है। पहली बार नए संसद भवन में शपथग्रहण होगा। उन्होंने लोकसभा चुनाव को लेकर कहा कि इतिहास में ऐसा दूसरी बार है कि जनता ने किसी सरकार को लगातार तीसरी बार शासन करने का अवसर दिया है। ये मौका 60 साल बाद आया है। अगर जनता ने ऐसा फैसला किया है तो उसने सरकार नियत पर मुहर लगाई है। उसकी नीतियों पर मुहर लगाई है।

राष्ट्रपति मुर्मू बृहस्पतिवार 27 जून को संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी। इस दौरान वह नई सरकार की पांच साल की योजनाओं और प्राथमिकताओं को सामने रखेंगी। 28 जून और 1 जुलाई को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लोकसभा और राज्यसभा में चर्चा होगी। 2 जुलाई को लोकसभा और 3 जुलाई को राज्यसभा में प्रधानमंत्री चर्चा का जवाब देंगे। इसके बाद दोनों सदन संक्षिप्त अवधि के लिए स्थगित किए जाएंगे। 22 जुलाई से फिर सत्र आरंभ होगा, जिसमें केंद्रीय बजट पेश किया जाएगा। लोकसभा महासचिव उत्पल कुमार सिंह सबसे पहले नवनिर्वाचित सांसदों की सूची सदन पटल पर रखेंगे। प्रोटेम अध्यक्ष महताब सदन के नेता और पीएम नरेंद्र मोदी को बतौर सांसद शपथ दिलाएंगे। इसके बाद अध्यक्ष पैनल की शपथ होगी, इसमें शामिल वरिष्ठ सांसद 26 जून तक सदन संचालन में प्रोटेम अध्यक्ष की मदद करेंगे।

18वीं लोकसभा के पहले सत्र की आज हो रही है। तीन जुलाई तक चलने वाले सत्र के शुरुआती दो दिन नए सांसदों को शपथ दिलाई जाएगी। बुधवार को नए लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव होगा, जबकि गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी। विपक्ष ने प्रोटेम अध्यक्ष की नियुक्ति के अलावा नीट-यूजी पेपर लीक व अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के स्थगित होने के मामले में सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है, जिससे पहले दिन ही हंगामे के आसार हैं।