2000 रुपये से ऊपर के UPI पेमेंट पर लग सकता है चार्ज? सरकार ने संसद में बड़ा बदलाव का रास्ता खोला
नई दिल्ली | 5 अगस्त 2026
क्या अब 2000 रुपये से ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन पर फीस लगेगी? इस सवाल ने सोशल मीडिया और आम लोगों में चर्चा छेड़ दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में टैक्सेशन एंड अदर लॉज अमेंडमेंट बिल पेश किया है। इस बिल के जरिए पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट में बदलाव का प्रस्ताव है।
इस बदलाव से सरकार को अधिकार मिलेगा कि वह कुछ डिजिटल पेमेंट मोड्स पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी MDR लगा सके। फिलहाल UPI पर जीरो MDR की व्यवस्था है। नए प्रावधान से भविष्य में 2000 रुपये से ऊपर के व्यापारिक लेनदेन पर चार्ज लगने का रास्ता खुल गया है।
क्या बदलेगा और क्या नहीं?
सरकारी सूत्रों के मुताबिक विचार यह है कि 2000 रुपये से ज्यादा के UPI पेमेंट पर 0.25 प्रतिशत से 0.40 प्रतिशत तक का MDR लगाया जा सकता है। यह चार्ज केवल व्यापारियों यानी मर्चेंट्स से वसूला जाएगा। आम ग्राहक को सीधे कोई फीस नहीं देनी पड़ेगी।
व्यक्ति से व्यक्ति यानी P2P ट्रांसफर पूरी तरह मुफ्त रहेंगे। दूध सब्जी ऑटो किराया जैसे रोजमर्रा के छोटे पेमेंट पर असर पड़ने की संभावना बहुत कम है।
आधिकारिक अनुमान के अनुसार 2000 रुपये से ऊपर के ट्रांजैक्शन कुल UPI लेनदेन का सिर्फ करीब 5 प्रतिशत हैं लेकिन मूल्य के हिसाब से ये 65 प्रतिशत के आसपास बैठते हैं। इसलिए ज्यादातर आम यूजर्स पर असर न के बराबर रहेगा।
किन व्यापारियों पर लगेगा चार्ज?
एक प्रस्ताव यह भी है कि यह MDR सिर्फ उन व्यापारियों पर लागू हो जिनका सालाना टर्नओवर 1.5 करोड़ रुपये से ज्यादा हो। छोटे दुकानदारों और छोटे कारोबारियों को राहत मिलने की संभावना है।
सरकार ने अभी कोई तारीख या अंतिम दर तय नहीं की है। बिल पास होने के बाद भी अलग से नोटिफिकेशन जारी करना होगा। तब तक मौजूदा व्यवस्था जारी रहेगी और UPI मुफ्त ही रहेगा।
क्यों लाया जा रहा है यह बदलाव?
UPI ने डिजिटल पेमेंट को बहुत बढ़ावा दिया है। अब सरकार बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स को कुछ राजस्व का मौका देना चाहती है ताकि सिस्टम लंबे समय तक टिकाऊ रहे।
निष्कर्ष में अभी घबराने की कोई बात नहीं है। आम यूजर्स के लिए UPI फिलहाल मुफ्त है और P2P ट्रांसफर हमेशा मुफ्त रहने वाले हैं। बड़े व्यापारिक लेनदेन पर भविष्य में छोटा सा चार्ज लग सकता है लेकिन उसका बोझ व्यापारियों पर होगा।