59वाँ अभियंता दिवस 2026 समारोह का भव्य आयोजन
सतत एवं तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर भारत के लिए इंजीनियरिंग उत्कृष्टता विषय पर हुआ कार्यक्रम
गाजियाबाद, 15 सितम्बर 2026।
द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), गाजियाबाद लोकल सेंटर एवं इन्द्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज, साहिबाबाद, गाजियाबाद के संयुक्त तत्वावधान में 59वें अभियंता दिवस 2026 का भव्य आयोजन इन्द्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज, साइट-IV, साहिबाबाद, गाजियाबाद में किया गया। कार्यक्रम वर्ष 2026 की थीम “Engineering Excellence for a Sustainable and Technologically Sovereign India” पर केंद्रित रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री अरविंद कुमार मिश्रा, पूर्व सीईओ एवं प्रबंध निदेशक, भूटान हाइड्रो-इलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट अथॉरिटी, भूटान,, विशिष्ट अतिथि श्री सतीश चंद्र गौर, सेवानिवृत्त मुख्य नगर नियोजक, उत्तर प्रदेश विकास प्राधिकरण एवं श्री पंकज अग्रवाल, मुख्य अभियंता, पीवीवीएनएल, जोन–1 रहे।
समारोह में ई0. पुनीत अग्रवाल, वाइस-चेयरमैन आईपीईसी, ई0 आर. आर. तंवर, काउंसिल मेंबर एवं जोनल हेड, आईईआई नॉर्थ जोन, ई0 पुनीत गोयल, चेयरमैन एवं काउंसिल मेंबर, आईईआई गाजियाबाद लोकल सेंटर, प्रो. (डॉ.) अमित जैन, डीन एकेडमिक्स, आईपीईसी, तथा ई0 गौरव तंवर, कन्वीनर सहित आईईआई गाजियाबाद लोकल सेंटर के सदस्यों, इंजीनियर्स क्लब के सदस्यों, गणमान्य अभियंताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों एवं विद्यार्थियों ने सहभागिता की।
इंजीनियरिंग की भूमिका पर हुआ मंथन
इस अवसर पर ई0 पुनीत गोयल ने सभी अतिथियों, अभियंताओं, शिक्षाविदों एवं विद्यार्थियों का स्वागत किया। अपने स्वागत संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत को सतत विकास, ऊर्जा सुरक्षा, आधुनिक आधारभूत संरचना, डिजिटल प्रौद्योगिकी तथा तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने में अभियंताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि बदलती तकनीकी परिस्थितियों के अनुरूप इंजीनियरिंग क्षेत्र में नवाचार, गुणवत्ता, ऊर्जा दक्षता, पर्यावरण संरक्षण एवं स्वदेशी तकनीकी क्षमता को प्राथमिकता देना आवश्यक है।उन्होंने अभियंताओं से अपने तकनीकी ज्ञान एवं विशेषज्ञता का उपयोग राष्ट्र निर्माण में प्रभावी ढंग से करने तथा युवा अभियंताओं एवं विद्यार्थियों को नवाचार, अनुसंधान एवं व्यावहारिक तकनीकी ज्ञान के लिए प्रोत्साहित करने का आह्वान किया। ई0 आर. आर. तंवर, ने अपने संबोधन में द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) (IEI) के इतिहास, उद्देश्य एवं अभियंताओं के लिए इसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों ने भी अपने संबोधन में अभियंताओं के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि देश के सतत एवं समावेशी विकास में इंजीनियरिंग एवं तकनीकी क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने नई पीढ़ी के अभियंताओं को नवीन तकनीकों को अपनाने तथा देश को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
भारत रत्न सर एम. विश्वेश्वरैया को किया गया स्मरण
कार्यक्रम के दौरान भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया के महान योगदान एवं अभियंता दिवस की प्रासंगिकता को भी स्मरण किया गया। उपस्थित अभियंताओं ने राष्ट्र निर्माण में इंजीनियरिंग समुदाय की जिम्मेदारी एवं योगदान को और अधिक प्रभावी बनाने का संकल्प लिया।
विद्यार्थियों द्वारा प्रोटोटाइप मॉडल प्रदर्शनी
समारोह का एक प्रमुख आकर्षण इन्द्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत प्रोटोटाइप मॉडलों की प्रदर्शनी रही। विद्यार्थियों ने विभिन्न तकनीकी एवं नवाचार आधारित मॉडलों का प्रदर्शन किया, जिन्हें उपस्थित अतिथियों, अभियंताओं एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने सराहा। प्रदर्शनी में प्रतिभाग करने वाले सभी विद्यार्थियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। वहीं उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र के साथ नकद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में तकनीकी नवाचार, रचनात्मक सोच, अनुसंधान एवं व्यावहारिक इंजीनियरिंग कौशल को प्रोत्साहित करना रहा।
समारोह के अंत में द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), गाजियाबाद लोकल सेंटर की ओर से मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, इन्द्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रबंधन, अभियंताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, विद्यार्थियों एवं सभी सहयोगियों का हार्दिक आभार व्यक्त किया गया।
