राहुल गांधी ने PM मोदी की विदेश नीति पर कसा तंज, मेलोनी के जिक्र से विवाद; BJP ने लगाया महिला अपमान का आरोप

by real4newsdesk
राहुल गांधी ने PM मोदी की विदेश नीति पर कसा तंज, मेलोनी के जिक्र से विवाद; BJP ने लगाया महिला अपमान का आरोप

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति को लेकर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के एक बयान ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री की विदेश नीति पर तंज कसते हुए विदेशी नेताओं से मुलाकात और उन्हें गले लगाने की शैली पर सवाल उठाया। इसके बाद मंच पर इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का संदर्भ आने से विवाद और तेज हो गया। राहुल गांधी ने 13 अगस्त को नई दिल्ली में आयोजित कांग्रेस के रचनात्मक कांग्रेस सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति पर कटाक्ष किया। उन्होंने मंच पर कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित के साथ गले मिलने का अभिनय करते हुए पीएम मोदी की कूटनीति पर सवाल उठाया। राहुल का कहना था कि सरकार की जिम्मेदारी देश के हितों की रक्षा करना है, न कि केवल विदेशी नेताओं को गले लगाना।

इसी दौरान संदीप दीक्षित ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का नाम लेते हुए एक टिप्पणी की, जिसके बाद राजनीतिक घमासान शुरू हो गया। बीजेपी ने इस टिप्पणी को महिला और एक विदेशी राष्ट्राध्यक्ष के प्रति आपत्तिजनक बताते हुए कांग्रेस से माफी की मांग की। बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोध के नाम पर भाषा की मर्यादा नहीं लांघी जानी चाहिए। हालांकि, कांग्रेस की ओर से यह तर्क दिया गया कि राहुल गांधी ने अपने बयान में सीधे तौर पर मेलोनी का नाम लेकर कोई आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की। विवाद का बड़ा हिस्सा संदीप दीक्षित की ओर से मेलोनी के संदर्भ में की गई टिप्पणी को लेकर है। यही वजह है कि इस पूरे घटनाक्रम को राहुल गांधी के बयान और उसके बाद मंच पर हुई टिप्पणी—दो अलग हिस्सों में देखना जरूरी है।

बीजेपी ने राहुल गांधी पर प्रधानमंत्री की विदेश नीति जैसे गंभीर मुद्दे को व्यक्तिगत और हास्यात्मक अंदाज में पेश करने का आरोप लगाया है। पार्टी नेताओं ने इसे राजनीतिक संवाद के गिरते स्तर से जोड़ते हुए राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग की। वहीं, कांग्रेस का कहना है कि विपक्ष को सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाने और प्रधानमंत्री की कूटनीतिक शैली की आलोचना करने का पूरा अधिकार है। दिलचस्प बात यह है कि भारत और इटली के संबंधों को लेकर विदेश मंत्रालय के आधिकारिक दस्तावेजों में दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी, व्यापार, सुरक्षा और आतंकवाद-रोधी सहयोग का उल्लेख है। ऐसे में मेलोनी के संदर्भ वाली राजनीतिक बयानबाजी ने विदेश नीति की बहस को भी व्यक्तिगत टिप्पणियों के घेरे में ला दिया है।


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